किसानों के मुद्दे पर सदन में हंगामा

Gwalior news India News

शीतकालीन सत्र / किसानों के मुद्दे पर सदन में हंगामा; कार्यवाही दो बार स्थगित
भोपाल. विधानसभा में गुरुवार को किसानों से जुड़े मुद्दे अतिवृष्टि का मुआवजा और बोनस को लेकर सत्ता पक्ष कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के विधायकों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई और सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा विधायकों के हंगामे पर कहा कि सरकार चलाने और मुंह चलाने में फर्क होता है। इस पर भाजपा सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन से वॉकआउट कर दिया।प्रश्नकाल में विधायक देवेंद्र वर्मा ने राज्य में अतिवृष्टि और इसके कारण फसलों को क्षति पहुंचने का मामला उठाया था। अनुपूरक सवाल और जवाब के दौरान बहस गेहूं के बोनस पर आ गई। इस पर फिर से दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। स्पीकर एनपी प्रजापति ने पहली बार कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि इस साल मानसून सीजन में अतिवृष्टि के कारण किसानों की 41 जिलों में 65.83 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। इसके लिए किसानों को करीब 1400 करोड़ का मुआवजा बांटा जा चुका है।

कमलनाथ ने कहा कि सरकार चलाने और मुंह चलाने में फर्क रहता है। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर विपक्षी सदस्य आक्रोशित हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव और वरिष्ठ विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी इसका प्रतिकार किया और कहा कि हमने 15 सालों तक सरकार चलाई। लेकिन अब सरकार नहीं, मुंह चल रहा है। इसके बाद मंत्री और कांग्रेस पक्ष के विधायक भी खड़े हो गए और हंगामा करने लगे। इसके बाद सदन में हंगामा खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने किसी को टारगेट नहीं किया है। लेकिन यदि किसी को ऐसा लग रहा है, तो वे क्या कर सकते हैं।