राहुल बोले- सरकार न्याय योजना जैसी स्कीम लाए और गरीब परिवारों के खाते में 7500 रु. हर महीने डाले

India News Politics

नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कोरोना और अर्थव्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुझाव दिए। राहुल ने कहा कि कोरोना ने अर्थव्यवस्था को जबरदस्त चोट पहुंचाई है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों, मजदूरों और मध्यमवर्ग को पहुंचा। राहुल ने कहा कि इनके लिए सरकार न्याय योजना जैसी एक स्कीम लेकर आए। यह ज्यादा लंबी ना हो, 6 महीने के लिए हो। इसके तहत हर गरीब परिवार के खाते में 7 हजार 500 रुपए हर महीने डाले जाएं।

राहुल ने कहा कि इससे डिमांड बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था फिर रास्ते पर आ जाएगी। हालांकि, सरकार इससे तीन-चार बार इनकार कर चुकी है। उसका कहना है कि पैसा नहीं है, लेकिन मैं याद दिला दूं कि सरकार ने 15 बड़े लोगों का लाखों करोड़ों का टैक्स माफ कर दिया।
नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कोरोना और अर्थव्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुझाव दिए। राहुल ने कहा कि कोरोना ने अर्थव्यवस्था को जबरदस्त चोट पहुंचाई है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान गरीबों, मजदूरों और मध्यमवर्ग को पहुंचा। राहुल ने कहा कि इनके लिए सरकार न्याय योजना जैसी एक स्कीम लेकर आए। यह ज्यादा लंबी ना हो, 6 महीने के लिए हो। इसके तहत हर गरीब परिवार के खाते में 7 हजार 500 रुपए हर महीने डाले जाएं।

राहुल ने कहा कि इससे डिमांड बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था फिर रास्ते पर आ जाएगी। हालांकि, सरकार इससे तीन-चार बार इनकार कर चुकी है। उसका कहना है कि पैसा नहीं है, लेकिन मैं याद दिला दूं कि सरकार ने 15 बड़े लोगों का लाखों करोड़ों का टैक्स माफ कर दिया।
चीन की घुसपैठ पर भी राहुल ने मोदी पर सवाल उठाए थे
मेक इन इंडिया अभियान को लेकर राहुल पहले भी सरकार पर हमला कर चुके हैं। उन्होंने इस अभियान को फेल बताया था। चीन के मुद्दे पर राहुल मोदी सरकार के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री सेना की बजाय चीन को सपोर्ट कर रहे हैं? चीन हमारी सीमा में घुसने के बावजूद इस बात से मुकर गया और प्रधानमंत्री खुल्लम खुल्ला उसका समर्थन कर रहे हैं।

राहुल ने यह बात मोदी के उस बयान के रेफरेंस में कही जो उन्होंने सर्वदलीय बैठक में दिया था। मोदी ने कहा था, ‘कोई हमारी सीमा में नहीं घुसा, ना ही हमारी कोई पोस्ट किसी के कब्जे में है।’ इस बयान को मुद्दा बनाकर कांग्रेस ने कहा कि अगर ऐसा है तो फिर चीन से बातचीत क्यों चल रही थी? इस सवाल के बाद प्रधानमंत्री ऑफिस ने सफाई जारी की थी। उसने कहा कि मोदी का बयान 15 जून को गलवान में हुई झड़प के बारे में था। उनका कहने का यह मतलब था कि उस दिन हमारे सैनिकों ने चीन की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी थी।