मोदी ने कहा- दीपावली-छठ पूजा यानी नवंबर तक 80 करोड़ लोगों को हर महीने 5 किलो गेहूं या चावल और 1 किलो चना मुफ्त दिया जाएगा

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नई दिल्ली. कल से ही क्या-क्या बातें हो रही थीं- ‘बड़ी घोषणा होने वाली है… चीन को लेकर होगी। टिकटॉक समेत चीन के 59 ऐप पर रोक लगा दी है सरकार ने। पक्के तौर पर उसी ओर इशारा है। कुछ बड़ा होने वाला है। देखना…’ आखिरकार राष्ट्र के नाम संबोधन जो था।
लेकिन प्रधानमंत्री ने ऐसा कुछ नहीं किया। चीन का जिक्र तक नहीं। ठीक 4 बजे आए। महज 16 मिनट बोले। राष्ट्र के नाम 103 दिनों में छठा संबोधन दूसरा सबसे छोटा निकला।
प्रधानमंत्री ने दो मुख्य बातें की। पहली- गरीब परिवारों के लिए अन्न योजना को दीपावली और छठ तक बढ़ा दिया। यानी नवंबर तक। यह 30 जून को ही खत्म हो रहा था। यहां छठ का भी जिक्र थोड़ा राजनीतिक लग रहा है। छठ बिहार का ‘राष्ट्रीय पर्व’ है और वहां नवंबर-दिसंबर में ही चुनाव है।
दूसरी- अनलॉक होता देश और बदतले मौसम को लेकर ऐहतियात बरतने को कहा। बोले ‘जब सर्दी-जुकाम बढ़ता है, तब हमें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, पर अब हम ज्यादा लापरवाह होते जा रहे हैं। मास्क, गमछा, फेसकवर और सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है।’

मोदी ने मुफ्त राशन की योजना 5 महीने और जारी रखने का ऐलान करते हुए कहा कि इतने बड़े देश में हर गरीब के घर चूल्हा जलता रहे, यह केवल मेहनती किसानों और ईमानदार टैक्स पेयर्स की वजह से संभव हो पाया।

गरीब कल्याण अन्न योजना जारी रखने के मायने

नवंबर तक गरीब परिवार के प्रत्येक सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त और प्रत्येक परिवार को एक किलो चना मुफ्त मिलेगा।
80 करोड़ परिवारों को इस योजना का फायदा अगले 5 महीने तक मिलता रहेगा।
90 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे इस योजना को आगे जारी रखने में।
लॉकडाउन के वक्त इस योजना की शुरुआत की गई थी, 3 महीने में 60 हजार करोड़ खर्च हुए।
अब तक गरीब परिवार के प्रत्येक सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त और हर परिवार को एक किलो दाल मुफ्त दी गई।
अब तक अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना और यूरोपियन यूनियन की आबादी से दोगुने से ज्यादा लोगों को मुफ्त अनाज दिया गया।